पंचवर्षीय योजना और योजनाकार अर्थशास्त्री
📊 पंचवर्षीय योजना और योजनाकार अर्थशास्त्री (पूरा विश्लेषण)
⚡ भारतीय योजना के रणनीतिकार · परीक्षा उपयोगी तथ्य · सिद्धांतों का सम्पूर्ण विवरण
7. पी.सी. महालनोबिस (1893-1972) "भारतीय योजना के जनक"
प्रख्यात सांख्यिकीविद् · द्वितीय योजना के शिल्पकार
विवरण
उपनाम "भारतीय सांख्यिकी के जनक" (Indian Father of Statistics)
मुख्य सिद्धांत
महालनोबिस मॉडल (द्वितीय पंचवर्षीय योजना, 1956-61) – भारी उद्योगों पर जोर
प्रमुख पुस्तक/योगदान
"Draft Plan Frame for the Second Five Year Plan" (1955)
🤝 किसने समर्थन किया?
· जवाहरलाल नेहरू ने उनके मॉडल को पूरा समर्थन दिया· योजना आयोग ने उनके मॉडल को अपनाया
· इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI), कोलकाता की स्थापना – दुनिया का प्रसिद्ध सांख्यिकी संस्थान
⚡ किसने आलोचना की?
· मिल्टन फ्रीडमैन (नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री) ने आलोचना की – कहा कि यह मॉडल उपभोक्ता वस्तुओं की उपेक्षा करता है· सी.एन. वकील और पी.आर. ब्रह्मानंद – वेज गुड्स मॉडल के समर्थक; इन्होंने कहा कि पहले रोटी (कृषि) फिर मशीन (उद्योग)
· बी.आर. शेनॉय – योजना आयोग के विरोधी, पूर्ण निजीकरण के पक्षधर
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य (परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी):
- 'महालनोबिस दूरी' (Mahalanobis Distance) – उनका सांख्यिकीय सूत्र, जो दो समूहों के बीच अंतर मापता है
- राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) की नींव रखी
- फेलो ऑफ द रॉयल सोसाइटी (लंदन)
- पद्म विभूषण (1968) – भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
- उनके जन्मदिन (29 जून) को "राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस" (National Statistics Day) के रूप में मनाया जाता है
- द्वितीय योजना (1956-61) – लक्ष्य 4.5%, वास्तविक 4.27% (भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर स्टील प्लांट की स्थापना)
- Input-Output मॉडल को पहली बार भारत में लागू किया
8. के.एन. राज (1924-2010) "प्रथम योजना के निर्माता"
केरल वर्मा नीलकंठन राज
पूरा नाम
केरल वर्मा नीलकंठन राज (Kerala Varma Neelakantan Raj)
मुख्य सिद्धांत
"केरल मॉडल" – सामाजिक सुरक्षा और मानव विकास पर जोर (शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि सुधार)
प्रमुख योगदान
प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) का प्रारूप तैयार किया
🤝 किसने समर्थन किया?
· प्रथम योजना पूरी तरह उनके विचारों पर आधारित थी· दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (DSE) में उनका विशेष योगदान रहा
⚡ किसने आलोचना की?
· मुख्य रूप से नहीं (सर्वमान्य)🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (DSE) के प्रोफेसर और स्थापना में योगदान
- सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज (CDS), तिरुवनंतपुरम की स्थापना (1970) – "केरल मॉडल" पर शोध का केंद्र
- अर्थशास्त्र में पद्म विभूषण (2000) – यह पुरस्कार पाने वाले पहले अर्थशास्त्री
- प्रथम योजना का लक्ष्य 2.1% था, लेकिन वास्तविक उपलब्धि 3.6% – लक्ष्य से अधिक सफल
- योजना आयोग के सदस्य भी रहे (1952-1957 और 1967-1971)
- राज्य सभा सदस्य (1991-1997)
- के.एन. राज अर्थशास्त्र पुरस्कार प्रतिवर्ष दिया जाता है (Kerala Verma Neelakantan Raj Economics Award)
9. डी.आर. गाडगिल (1901-1973) "प्रथम योजना के प्रारूपकार"
धनंजय रामचंद्र गाडगिल
पूरा नाम
धनंजय रामचंद्र गाडगिल
मुख्य सिद्धांत
"गाडगिल फॉर्मूला" (1969) – केंद्रीय सहायता का राज्यों में वितरण सूत्र
प्रमुख योगदान
प्रथम पंचवर्षीय योजना (के.एन. राज के साथ) के सह-प्रारूपकार
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- गाडगिल फॉर्मूला (1969) के अनुसार:
· 60% भार – राज्य की जनसंख्या पर
· 25% भार – राज्य की प्रति व्यक्ति आय (जितनी कम, उतनी अधिक सहायता)
· 10% भार – राज्य की कर संग्रह दक्षता पर
· 5% भार – राज्य के सतत विकास दर पर - गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (GIPE), पुणे के निदेशक (1930-1955)
- द्वितीय वित्त आयोग (1956-57) के सदस्य
- योजना आयोग के उपाध्यक्ष (1967-1971) – "गाडगिल युग" कहा जाता है
- पद्म विभूषण (1972)
- लेखन: "Planning and Economic Policy in India" (1962)
10. सी.एन. वकील (1895-1979) "वेज गुड्स मॉडल के जनक"
चंद्रशंकर नरहरि वकील
पूरा नाम
चंद्रशंकर नरहरि वकील
मुख्य सिद्धांत
वेज गुड्स मॉडल (Wage-Goods Model) – पहले उपभोक्ता वस्तुओं (भोजन, कपड़े) का उत्पादन बढ़ाएँ, फिर भारी उद्योग
🤝 किसने साथ दिया?
· पी.आर. ब्रह्मानंद – उनके सह-लेखक और सिद्धांत के समर्थक· बॉम्बे योजना (1944) में जे.आर.डी. टाटा सहित 8 उद्योगपतियों ने उनका साथ दिया
⚡ किसने आलोचना की?
· पी.सी. महालनोबिस – उनके मॉडल (भारी उद्योग) का विकल्प होने के कारण प्रतिस्पर्धा थी· मार्क्सवादी अर्थशास्त्री – उन पर पूंजीपतियों का साथ देने का आरोप लगाया
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- बॉम्बे योजना (1944) – सर जॉन मैथाई, ए.डी. श्रॉफ, जे.आर.डी. टाटा सहित 8 उद्योगपतियों ने बनाई
- बॉम्बे विश्वविद्यालय के उपकुलपति (1959-1965)
- पद्म भूषण (1964)
- लेखन: "Planning for a Shortage Economy" (1963, ब्रह्मानंद के साथ)
- महालनोबिस मॉडल (भारी उद्योग) का विकल्प प्रस्तुत किया
11. पी.आर. ब्रह्मानंद (1921-2009) "वेज गुड्स के प्रणेता"
पंद्रंग राव ब्रह्मानंद
पूरा नाम
पंद्रंग राव ब्रह्मानंद
मुख्य सिद्धांत
वेज गुड्स मॉडल (सी.एन. वकील के साथ) – कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं को प्राथमिकता
प्रसिद्ध उद्धरण
"India is a poor country, but the poor have a rich culture"
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- बॉम्बे विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सलाहकार
- सेंटर फॉर बैंकिंग स्टडीज के संस्थापक निदेशक
- सी.एन. वकील के साथ उनका सहयोग अर्थशास्त्र में "अभूतपूर्व" माना जाता है
- लेखन: "The Problem of India's Economic Planning" (1955), "The Economics of the Bombay Plan" (1957, वकील के साथ), "Planning for a Shortage Economy" (1963)
12. जे.सी. कुमारप्पा (1892-1960) "गांधीवादी अर्थशास्त्री"
जोसेफ कुरुविला चेरियन कुमारप्पा
उपनाम
"भारत के प्रथम गांधीवादी अर्थशास्त्री"
मुख्य सिद्धांत
"गांधीवादी अर्थशास्त्र" (Gandhian Economics) – अहिंसा, स्वावलंबन, विकेन्द्रीकरण पर जोर
🤝 किससे प्रभावित थे?
· महात्मा गांधी से गहरे प्रभावित, गांधी जी के आर्थिक सलाहकार रहे⚡ किसने आलोचना की?
· आधुनिक अर्थशास्त्री – इनके मॉडल को आदर्शवादी (idealistic) और अव्यावहारिक बताते हैं· मार्क्सवादी अर्थशास्त्री – इनकी "अहिंसा" और "विकेन्द्रीकरण" को पूंजीवाद के खिलाफ प्रभावी नहीं मानते
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- गांधीवादी अर्थशास्त्र के तीन स्तंभ: 1. विकेन्द्रीकरण (Decentralization) – ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा, 2. सीमित मशीनीकरण (Limited Mechanization) – श्रम प्रधान तकनीकों को प्राथमिकता, 3. संतुलित समाज (Balanced Society) – प्राकृतिक संसाधनों का सीमित उपयोग
- भारतीय ग्रामीण उद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष
- कुमारप्पा समिति (1966) – ग्रामीण उद्योगों पर रिपोर्ट
- पुस्तक: "Why the Village Movement?" (1936), "Gandhian Economic Thought" (1954)
13. सुखमोय चक्रवर्ती (1934-1990) "विकास योजना के विशेषज्ञ"
मुख्य सिद्धांत
योजना और विकास अर्थशास्त्र (Development Planning) – पंचवर्षीय योजनाओं के गहन अध्ययन
प्रसिद्ध उद्धरण
"Planning is not an end in itself, but a means to an end"
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- योजना आयोग के सदस्य (1975-77, 1984-86)
- दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (DSE) के प्रोफेसर
- कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति
- अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सलाहकार
- पुस्तकें: "The State and Development: The Indian Experience" (1987), "Development Planning: The Indian Experience" (1989), "Selected Economic Writings" (1993 – मरणोपरांत)
14. बी.आर. शेनॉय (1905-1978) "योजना आयोग के आलोचक"
बी. आर. शेनॉय
मुख्य सिद्धांत
आस्ट्रियन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (Austrian Economics) – मुक्त बाजार, निजी उद्यमों पर जोर, सरकारी हस्तक्षेप का विरोध
⚡ किससे प्रभावित थे?
· लुडविग वॉन मिसेज (Ludwig von Mises) और फ्रेडरिक हायक (F.A. Hayek) – आस्ट्रियन स्कूल के प्रमुख विचारक· मिल्टन फ्रीडमैन (Milton Friedman) – शिकागो स्कूल के विचारक
⚡ किसने किया आलोचना?
· योजना आयोग के पूरे तंत्र ने उनकी आलोचना की· नेहरू और मार्क्सवादी अर्थशास्त्री उनके विचारों के विरोधी थे
🌟 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य:
- योजना आयोग के सदस्य (1956-1961) – बाद में इस्तीफा दे दिया
- आरबीआई गवर्नर (1959-1962) – पद त्यागकर विरोध किया
- मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) – भी पद छोड़ा
- मुख्य रूप से आरबीआई को राष्ट्रीयकरण के विरोधी थे
- उन्होंने पूर्ण विनिमय दर (floating exchange rate) की वकालत की
- नॉक्स कॉलेज, कोलकाता के प्राचार्य
⚔️ आलोचना और समर्थन – एक नज़र में
| अर्थशास्त्री | किसने आलोचना की? | किसने समर्थन किया? |
|---|---|---|
| महालनोबिस | फ्रीडमैन, वकील-ब्रह्मानंद, शेनॉय | नेहरू, योजना आयोग |
| के.एन. राज | मुख्य रूप से नहीं (सर्वमान्य) | दिल्ली स्कूल, केरल सरकार |
| गाडगिल | बाद के योजनाकारों ने फॉर्मूला को पुराना बताया | योजना आयोग |
| वकील | महालनोबिस, मार्क्सवादी | ब्रह्मानंद, बॉम्बे उद्योगपति |
| ब्रह्मानंद | महालनोबिस, योजना आयोग | सी.एन. वकील |
| कुमारप्पा | आधुनिक/मार्क्सवादी अर्थशास्त्री | गांधी, विनोबा भावे |
| शेनॉय | योजना आयोग, नेहरू, मार्क्सवादी | फ्रीडमैन, हायक, मिसेज |
📚 प्रमुख पुस्तकें/दस्तावेज
| अर्थशास्त्री | पुस्तक/दस्तावेज | वर्ष |
|---|---|---|
| पी.सी. महालनोबिस | "Draft Plan Frame for the Second Five Year Plan" | 1955 |
| डी.आर. गाडगिल | "Planning and Economic Policy in India" | 1962 |
| सी.एन. वकील | "Planning for a Shortage Economy" | 1963 |
| पी.आर. ब्रह्मानंद | "The Problem of India's Economic Planning" | 1955 |
| जे.सी. कुमारप्पा | "Why the Village Movement?" | 1936 |
| सुखमोय चक्रवर्ती | "Development Planning: The Indian Experience" | 1989 |
✨ अतिरिक्त अत्यंत महत्वपूर्ण बातें (परीक्षा के लिए)
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पहली बार Input-Output मॉडल लागू | पी.सी. महालनोबिस ने |
| "भारतीय सांख्यिकी के जनक" | पी.सी. महालनोबिस को कहा जाता है |
| "राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस" | 29 जून (पी.सी. महालनोबिस का जन्मदिन) |
| प्रथम योजना के प्रारूपकार | डी.आर. गाडगिल + के.एन. राज |
| "केरल मॉडल" | के.एन. राज (सामाजिक सुरक्षा, मानव विकास) |
| "गाडगिल फॉर्मूला" (1969) | केंद्रीय सहायता का राज्यों में वितरण (जनसंख्या 60%, प्रति व्यक्ति आय 25%) |
| "गांधीवादी अर्थशास्त्र" | जे.सी. कुमारप्पा |
🎯 एक लाइन सारांश (परीक्षा के लिए यही याद रखो)
"महालनोबिस ने भारी उद्योग का मॉडल बनाया, के.एन. राज और गाडगिल ने पहली योजना रची, वकील-ब्रह्मानंद ने वेज गुड्स का फंडा दिया, कुमारप्पा ने गांधीवादी अर्थशास्त्र को आकार दिया, चक्रवर्ती ने योजना सिद्धांतों को गहराई से समझाया, और शेनॉय ने योजना आयोग की पूरी नींव पर सवाल उठाए।"
"महालनोबिस ने भारी उद्योग का मॉडल बनाया, के.एन. राज और गाडगिल ने पहली योजना रची, वकील-ब्रह्मानंद ने वेज गुड्स का फंडा दिया, कुमारप्पा ने गांधीवादी अर्थशास्त्र को आकार दिया, चक्रवर्ती ने योजना सिद्धांतों को गहराई से समझाया, और शेनॉय ने योजना आयोग की पूरी नींव पर सवाल उठाए।"
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