विकास एवं राजनीतिक अर्थशास्त्री (पूरा वि
📊 विकास एवं राजनीतिक अर्थशास्त्री
(पूरा विश्लेषण)
33. प्रणब बर्धन (1939-जीवित)
1. प्रमुख पुस्तकें:
· "The Political Economy of Development in India" (1984, Oxford University Press) – उनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक
· "Scarcity, Conflicts, and Cooperation: Essays in the Political and Institutional Economics of Development" (2005)
2. भ्रष्टाचार पर महत्वपूर्ण शोध:
· भ्रष्टाचार के दो मुख्य प्रकार बताए: "सीढ़ीदार भ्रष्टाचार" (Staircase Corruption) और "गलियारा भ्रष्टाचार" (Corridor Corruption)
· निजीकरण भ्रष्टाचार को कम कर सकता है या बढ़ा सकता है – यह संस्थाओं पर निर्भर करता है
3. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले (1979 से अब तक) में प्रोफेसर
4. सेंटर फॉर स्टडी ऑफ लॉ एंड इकोनॉमिक्स के सह-संस्थापक
5. पुरस्कार: पद्म भूषण (2015) – भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
34. कृष्णा भारद्वाज (1935-1992)
1. JNU में अर्थशास्त्र विभाग की संस्थापक – सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग (CESP) की स्थापना
2. प्रमुख पुस्तकें:
· "Accumulation, Exchange and Development: Essays on Indian Economy" (1994)
· "Themes in Value and Distribution: Classical Theory Reappraised" (1989)
· "Production, Exchange and Development" (1978)
3. रोम विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रतिष्ठित प्रोफेसर रहीं
4. "मूल्य और वितरण (Value and Distribution)" के शास्त्रीय सिद्धांतों का पुनर्मूल्यांकन किया
5. पुरस्कार: पद्म श्री (1985) · रॉयल इकोनॉमिक सोसाइटी की फेलो
35. ए.के. दासगुप्ता (1922-2005)
1. प्रमुख पुस्तकें:
· "A History of Economic Thought" (1950) – इस क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक, जिसे दुनिया भर में पढ़ाया गया
· "Keynesian Economics and Underdeveloped Countries" (1954)
· "The Theory of Economic Growth" (1969)
2. दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (DSE) में प्रोफेसर (1950-1970) – संकाय की पहली पीढ़ी के सदस्य
3. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति
4. प्रोफेसर दासगुप्ता ने "अविकसित देशों में कीनेशियन अर्थशास्त्र" पर महत्वपूर्ण कार्य किया
5. फेलो ऑफ द ब्रिटिश अकादमी
36. अशोक मित्रा (1928-2018)
1. प्रमुख पुस्तकें:
· "Kerala's Economic Development: A Critical Review" – "केरल मॉडल" की आलोचना के लिए प्रसिद्ध
· "The Financial and Non-Financial Causes of Price Rise" (1974)
2. केरल के वित्त मंत्री (1980-1982, 1987-1991) – ई.एम.एस. नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली सरकार में
3. भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) – 1970 के दशक में
4. योजना आयोग के सदस्य
5. पद्म भूषण (2003)
37. मैल्कम एडीसेशिया (1910-2001)
1. UNESCO में उप-महानिदेशक (1954-1970) – सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उप-महानिदेशक
2. भारतीय सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) – कुछ समय के लिए
3. प्रमुख पुस्तकें:
· "Economic Development of India" (1960)
· "The Economics of Education" (1969)
4. मैड्रास इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (MIDS) के संस्थापक
5. पद्म विभूषण – भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
38. वी.जी. काले (जन्म-मृत्यु अज्ञात)
1. गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (GIPE), पुणे से जुड़े थे
2. विकास अर्थशास्त्र पर उनके लेखन ने योजना आयोग के गठन को प्रभावित किया
3. स्वतंत्रता-पूर्व योजनाओं (बॉम्बे योजना, पीपुल्स प्लान, गांधीवादी योजना) पर उनका गहन अध्ययन रहा
4. उनके शोध ने बाद के योजनाकारों (के.एन. राज, डी.आर. गाडगिल) को प्रभावित किया
5. "भारतीय अर्थशास्त्र के इतिहास" के महत्वपूर्ण स्रोतों में उनका योगदान माना जाता है
| अर्थशास्त्री | किसने आलोचना की? | किसने समर्थन किया? |
|---|---|---|
| प्रणब बर्धन | नव-शास्त्रीय, मार्क्सवादी | अमर्त्य सेन, विश्व बैंक, बर्कले विश्वविद्यालय |
| कृष्णा भारद्वाज | नव-शास्त्रीय अर्थशास्त्री | पीरो स्लाफ्फा, JNU |
| अशोक मित्रा | नव-शास्त्रीय, उदारवादी | मार्क्सवादी अर्थशास्त्री, केरल सरकार |
| अर्थशास्त्री | पुस्तक | वर्ष |
|---|---|---|
| प्रणब बर्धन | "The Political Economy of Development in India" | 1984 |
| कृष्णा भारद्वाज | "Accumulation, Exchange and Development" | 1994 |
| ए.के. दासगुप्ता | "A History of Economic Thought" | 1950 |
| अशोक मित्रा | "Kerala's Economic Development" | - |
| मैल्कम एडीसेशिया | "Economic Development of India" | 1960 |
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| भ्रष्टाचार का Principal-Agent Model | प्रणब बर्धन ने दिया |
| JNU अर्थशास्त्र विभाग की संस्थापक | कृष्णा भारद्वाज |
| "शास्त्रीय अर्थशास्त्र का पुनर्जागरण" | कृष्णा भारद्वाज का योगदान |
| UNESCO में सबसे लंबा कार्यकाल | मैल्कम एडीसेशिया (16 वर्ष) |
| केरल मॉडल के आलोचक | अशोक मित्रा |
| पहली भारतीय महिला पद्म श्री प्राप्तकर्ता (अर्थशास्त्र में) | कृष्णा भारद्वाज (1985) |
| दोहरे नागरिक (भारत-अमेरिका) | प्रणब बर्धन |
"प्रणब बर्धन ने भ्रष्टाचार का मॉडल रचा, कृष्णा भारद्वाज ने शास्त्रीय अर्थशास्त्र को जगाया, दासगुप्ता ने आर्थिक विचारधारा का इतिहास लिखा, अशोक मित्रा ने केरल मॉडल की परतें खोलीं, एडीसेशिया ने UNESCO में भारत का नाम रोशन किया, और वी.जी. काले ने स्वतंत्रता-पूर्व भारत की आर्थिक नींव को समझा। ये छहों भारतीय अर्थशास्त्र के ऐसे स्तंभ हैं जिन्होंने विकास के सिद्धांतों को न केवल पढ़ाया, बल्कि जीवित भी किया।"
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